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Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari

Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari

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Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari : जब भी कोई ऐसा शख्स जिसे हम बहुत ही प्यार करते हैं वो हमसे रूठ जाता है तो हम उसे मनाने के लिए कई तरीको का इस्तेमाल करतें हैं और आज कल शायरियों और स्टेटस से मानाने का चलन है, लोग अपने WhatsApp या किसी अन्य सोशल मीडिया पर शायरी डाल कर रूठे प्यार को मनाने की कोशिश करते रहते हैं। अगर आपसे भी कोई अपना रूठ गया है जिसे आप बहुत प्यार करते हैं तो यहाँ नीचे दी गयी रोमांटिक रूठे प्यार को मनाने और माफ़ी मांगने वाली शायरी, और स्टेटस आपकी मदद कर सकते हैं। माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari

Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

जरूरत पड़ने पर कोई साथ नही देता जनाब
ये वक्त ओर जिंदगी की कड़वी सच्चाई है..!!

वो मोहब्बत ही क्या जिसमें लड़ाई ना हो
ओर वो नफरत ही क्या जिसमें माफ़ी ना हो..!!

मिलना हो हर बार हमारा ये मुमकिन तो नही है
पर मेरी आंखें हमेशा तुम्हे देखना चाहती है..!!
इस कदर हम यार को मनाने निकले
उसकी चाहत के हम दिवाने निकले..
जब भी उसे दिल का हाल बताना चाहा
उसके होठों से वक़्त न होने के बहाने निकले
माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

अगर हो कोई खता हमसे तो माफ कर दिया करो
अपने दिल से गिले-शिकवे साफ कर दिया करो..!!
यूँ तो प्यार की हर अदा निराली हैं
पर रुठने मनाने की अदा सबसे भारी हैं
जनाब हमने उन्हे माफ़ करके
किस्सा ही खत्म कर दिया
अगर नफरत करते है उनसे तो
हमेशा के लिए दिल में रह जाते..!!
रूठना अगर तुम्हारी आदत है,
तो तुम्हें मनाना मेरा कर्तव्य है तुम हजा़र
बार रूठोगी,तो मैं लाखों बार मनाऊंगा.
माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

मोहब्बत के बारे में बस इतना ही समझ सके हम
बेमिसाल सजा है एक बेगुनाह
शख्स के लिए इश्क में..!!

मेरी जिंदगी में खुशिया
तेरे बहाने से है
आधी तुझे सताने से है
और आधी तुझे मनाने से है।

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी 2 लाइन

दोस्तो जिंदगी में जब हमसे कभी गलती होती है तो हम अपनी गलती मानने के साथ उस इंसान से माफी मांगते है। माफी मांगने से हम उस इंसान के साथ अपने रिश्ते तथा दोस्ती को कायम रख सकते है व माफी मांगना वैसे भी हमारे संस्कार का प्रतीक होता है। इससे हमें अपनी गलती का एहसास होता है।

तो इसलिए दोस्तो आज की पोस्ट मैं हम आपके साथ माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी 2 लाइन आपके साथ साझा कर रहे है। इन शायरियो को आप सोशल मीडिया पर अपने दोस्तो के साथ शेयर कीजिए।

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी 2 लाइन

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी 2 लाइन

ना तेरी शान कम होती ना रुतबा घटा होता; 
जो गुस्से में कहा तुमने वही हंस के कहा होता!!
माना भी लूँगा गले भी लगाऊँगा मैं; 
अभी तो देख रहा हूं उसे ख़फ़ा करके!!
दिन चढ़ा दिन ढला पर मेरा दिल उदास था,
कोई बहुत नाराज है इसलिए आज हर पंछी उदास था।
माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी

चांद तो हमसे दूर है हम तो तेरे नूर पर फिदा है,
न जाने तु रूठा क्यों है हमसे फिर भी सजा पाने खड़े हैं कब से।
माना भूल हो गई है हमसे पर इस तरह रूठो ना मेरे सनम,
एक बार नज़रें उठा कर देखो हमें हम दोबारा ना करेंगे यह खाता है कसम।
रूठ कर हमसे यूं दूर जा बैठे हैं कहीं उनकी यादें पता रही है हमें हर वक्त यही,
कोई उनसे हमारी खता तो पूछ आईये हम सर झुकाए इंतजार में बैठे हैं यही।
गलती तो हो गई है अब क्या मार डालोगे,
माफ नहीं कर दो ए सनम यह गलतफहमी कब तक पालोगे।
सॉरी कहने का मतलब है कि आपके लिए दिल में प्यार है,
अब जल्दी से हमें माफ कर दो ए सनम सुना है आप बहुत समझदार हैं।
तेरा ख्याल मुझे बार-बार आता है,
इसी ख्याल से दिल को करार आता है।

Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari

अगर आपसे भी कोई रूठा है और आपको उसको मानना है तो आज हम आपके लिए Best माफी मांगने रूठे प्यार को मनाने वाली शायरी लेके आये हैं जिससे आप अपने रूठे हुए लाइफ पार्टनर और सभी रूठे हुए को माना सकते हैं

हर कमी पूरी हुई उसके जाने के बाद
जिसे कहते थे मर जाएंगे तेरे जाने के बाद..!!
इस टूटे दिल में तन्हाई के लिए भी जगह नही
जिनसे थी दिल्लगी हमें
जब उन्हे ही हमारी कदर नही..!!
तुमसे वफा मैं कुछ इस तरह निभाऊंगी
तुम रूठ गये तो मैं तुम्हे निभाऊंगी.!!
रूठने की कोई…….दास्ताँ रही होगी
यकीनन कोई …….. खता रही होगी
तुमने सलाम नहीं लिया होगा उनका
यही तो बात दिल को सता रही होगी
प्यार करो तो जी भर के करो,
लेकिन उम्मीद मत रखो !!
क्यूंकि तकलीफ मोहब्बत नहीं,
उम्मीदें देती है दोस्त

Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari

तेरी अदा गजब ढा रही है,
तेरे रूठना की अदा दिल को जला रही है,
मान जाओ अब न तड़पाओ,
तेरी खामोशी मुझे तड़पा रही है।
साँसे थम सी गई हैं तुम्हारे जाने से,
अब लौट भी आओ किसी बहाने से।

तरिके तो कई है… तुम्हे अपने पास रखने के…
पर मजा तो तब है जब तुम हमें मनाने का हुनर जानो..
मेरी सारी कोशिशें नाकाम होती है उनको मनाने की,
ना जाने कहां से सीखी है ये अदा रूठ जाने की।
तू रूठ जाता है तो
दिल टूट जाता है
बता कैसे संभालु
मै खुद को
तेरे बिना मेरा अक्स मुझसे
दूर हो जाता है।
रूठने-मनाने का,
सिलसिला कुछ यू हुआ।
मान गया था मगर,
फिर रूठने का दिल हुआ।।
नाकाम थीं मेरी सब कोशिशें उस को मनाने की
पता नहीं कहां से सीखी जालिम ने अदाएं रूठ जाने की
मनाने रुठने के खेल में हम
बिछड़ जाएंगे … सोचा नहीं था
तुम नाराज ना हो मुझसे,
मैं मानता हूँ इसमें मेरी ही खता है,
खामोश रहती हो तो दिल तड़पता है,
तुम्हें भी तो मेरा हाल ए दिल पता है।
अगर तू हजार बार भी रूठ जाए
तो भी मना लुंगा तुझे
मगर देख मोहब्बत के बीच
कोई दुसरा ना आ जाए।
हमें तो रूठने का सलीका भी नहीं आता
जाते-जाते खुद को उसके पास ही छोड़ आये
दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया,
रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया,
हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा,
हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया

हर घड़ी का ये बिगड़ना नहीं
अच्छा ऐ जान…
रूठने का भी कोई वक़्त मुक़र्रर
हो जाए…

तरिके तो कई है तुम्हे अपने पास रखने के पर
मजा तो तब है जब तुम हमें मनाने का हुनर जानो.

जिक्र करता है दिल
सुबह शाम तेरा
गिरते हैं आंसु बनता
है नाम तेरा
किसी और को क्यू देखे
ये आंखे
जब दिल पर लिखा है
नाम तेरा।

तेरी नाराजगी को दूर करना है,
तुझसे और नहीं लड़ना है,
सारी गलती मेरी ही है,
मुझे उसका पश्चताप करना है।

सांसें रुक सी जाती हैं तेरे जाने से,
अब न तड़पाओ आ जाओ बहाने से,
मैं जीता हूं तुमसे ही,
मान जाओ न इतना मानाने से।

वो मेरे रूठने पर इस तरह मनाती है
कभी तो ज़ी चाहता है बेवजह उससे रूठ जाऊं

मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ तेरे बहाने से हैं
आधी तुझे सताने से हैं आधी तुझे मनाने से हैं
कितना सुना लगता है
जब चांद हो और तारे नहीं
उसी तरह जिंदगी हो
और उस में तुम नहीं।

जमाने से रुठने की जरूरत ही क्यों हो
जब मेरे अपने ही मेरे बने रकीब हो

दिल्लगी तक तो ठीक था
लेकिन ये ठीक नहीं
दूर रह कर कहती हैं
क्या मैं तुम्हारे पास नहीं

तुझे देखे बिना दिन नहीं गुजरता,
तुम्हें देखे बिना शाम नहीं ढलती,
पूरा एक दिन हो गया रूठे तुम्हें,
तुमसे बात किए बिन मेरा दिन शुरू नहीं होता।

मेरी आंखो में एक
हसीन ख़्वाब साज़ा दे
देखकर मुझे तु
बस एकबार मुस्कुरा दे
किस्मत बदल जाएगी मेरी
अगर तू मुझे अपनी जान बना दे।

हम रूठे भी तो किसके भरोसे रूठें,
कौन है जो आयेगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है तरस आ भी जाये आपको,
पर दिल कहाँ से लायें आपसे रूठ जाने के लिये।

न तेरी शान कम होती न रुतबा ही घटा होता,
जो गुस्से में कहा तुमने वही हँस के कहा होता।

रूठ जाओ कितना पर मना लेंगे,
दूर जाओ कितना भी बुला लेंगे,
दिल आखिर दिल है कोई सागर की रेत तो नहीं,
जो लिख के नाम आपका मिटा देंगे

तेरी याद हर पल सताती है,
अब दूरी मुझसे सही नहीं जाती है,
माना हो गई गलती मुझसे,
पर मेरे जितना तुम्हें कोई नहीं चाहती है।

तू नाराज है
**मुलाकातों की हमें जरुरत नहीं?
हमारे दिल में रहो इतना काफी है

दिल खामोश तड़प रहे है
हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए

मोहब्बत आजमानी हो तो बस इतना ही काफी है,
जरा सा रूठ कर देखो मनाने कौन आता है
हमें उम्मीद होगी कि आपको हमारी आज की Mafi Mangne Ruthe Pyar Ko Manane Wali Shayari दोस्तों पढ़ने में पसंद आई होगी। आप दिन शायरियों को फेसबुक, व्हाट्सएप, पिंटरेस्ट आदि प्लेटफार्म पर शेयर कर सकते है।

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